Emotional Status in Hindi

हमसे भुलाया ही नहीं जाता
एक मुखलिस का प्यार
लोग जिगर वाले हैं
जो रोज नया महबूब बना लेते हैं!”


किसी ने यूँ ही पूछ लिया हम से
कि दर्द की कीमत क्या है;
हमने हँसते हुए कहा,
“पता नहीं… कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं।


उसके दिल पर भी,
क्या खूब गुज़री होगी..
जिसने इस दर्द का नाम,
मोहब्बत रखा होगा..!


नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है ,
दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।


नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है ,
दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।


बेशक तू बदल ले अपने आपको लेकिन ये याद रखना..
तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता…!


युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…
पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !


लम्हों की दौलत से दोनों महरूम रहे ,
मुझे चुराना न आया, तुम्हें कमाना न आया


किसी को चाह कर ना पाना दर्द देता है,
लेकिन पाकर खो देना जिँदगी तबाह कर जाता है…..!


सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा ,
जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है


दर्द की भी अपनी एक अदा है..
ये तो सहने वालों पर ही फ़िदा है।


शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर ,
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है…


आज हम हैं, कल हमारी यादें होंगी.
जब हम ना होंगे, तब हमारी बातें होंगी.
कभी पलटो गे जिंदगी के ये पन्ने,
तो शायद आप की आँखों से भी बरसातें होंगी


आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें,
सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!


फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है,
हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है।


है कोई वकील इस जहान में,
जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.


मेरा होकर भी गैर की जागीर लगता है,
दिल भी साला मसला-ऐ-कश्मीर लगता है।


ज़िन्दगी जोकर सी निकली,
कोई अपना भी नहीं….कोई पराया भी नहीं.


पता है जो हमें खुद online आने के
लिए 10 बार call किया करते थे,
आज खुद हमे online देखकर
offline होजाया करते हैं।


आज एक चेहरे को मुस्कुराते देखा तो याद आया की
ऐसे ही एक चेहरे ने बर्बाद किया है मुझे।


मुश्किलें जरुर है,मगरठहरा नही हूँ मैं, मंज़िल से जरा कह दो, अभी पहुंचा नही हूँ मैं…


सच्ची मोहबत तो अक्सर
दिलतोड़ने वाली सेही होती हैं!


कभी भी अपनी ख़ुशी किसी और
के हाथ में मत सोपना!


तुझे झूठ बोलना हमने ही सिखाया है…
तेरी हर बात सच मान कर ।


जिस “चाँद” के हजारों हो
चाहने वाले दोस्त,
वो क्या समझेगा
एक सितारे कि कमी को.


पिछले बरस था खौफ की तुझको खो ना दूँ कही,
अब के बरस ये दुआ है की तेरा सामना ना हो।


जानते हो महोब्बत किसे कहते हैं ?
किसी को सोचना,
फिर मुस्कुराना और
फिर आसू बहाते हुए सो जाना.


तुमको बहार समझ कर, जीना चाहता था उम्र भर,
भूल गया था की मौसम तो बदल जाते हैं


मैं उस किताब का आख़िरी पन्ना था,
मैं ना होता तो कहानी ख़त्म न होती.


हमें भी शौक था दरिया-
ऐ इश्क में तैरने का,
एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि
अभी तक किनारा न मिला.


लुट लेते है अपने ही वरना,
गैरों को कहां पता इस दील की दीवार
कहां से कमजोर है.


प्यार भी हम करें,
इन्तजार भी हम,
जताये भी हम और रोयें भी हम..


तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे,
वरना कोई नहीं था, तुजसे ज्यादा करीब मेरे..।


सुना है काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो बी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते !!


जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी,
इश्क हार नही मानता..
दिल बात नही मानता।


न जाने कैसे आग लग गई बहते हुये पानी में..
हमने तो बस कुछ ख़त बहाये थे, “उसके नाम के“…


ना दिल की सुनी होती और ना ये हाल होता…


कुछ तो हूँ मैं तेरे लिए चाहे गैर ही सही,
मुझे तो लगा अपना कोई रिश्ता ही नहीं


तुम्हारे हँसने के अंदाज़ से पता चल
रहा है कि बहुत कुछ टूटा है तेरे
अंदर बहुत ख़ामोशी से


ना साथ है किसी का ना सहारा है कोई,
ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई


एक चाहत थी तेरे संग जीने की वरना,
मौहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी।


खो जाओ मुझ में तो मालूम हो कि दर्द क्या है?
ये वो किस्सा है जो जुबान से बयाँ नही होता।


 अब नींदसे कोई वास्ता नहीं! मेरा कौन हैं,
ये सोच सोच के रात गुज़र जाती हैं.


नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,
पर ये सितम अलग है
की मिले तुम भी नही.


शौक से तोडो दिल मेरा,
मुझे क्या परवाह,
तुम्ही रहते हो इसमें,
अपना ही घर उजाड़ोगे.


तुमको बहार समझ कर,
जीना चाहता था उम्र भर,
भूल गया था की मौसम तो बदल जाते हैं.


सुन रहा हैं ना तू
रो रही ही हु में…


रात भर सर्द हवा चलती रही,
रात भर बुझते हुए रिश्ते को तापा हमने.


सुनो ना… हम पर मोहब्बत नही आती तुम्हें,
रहम तो आता होगा?


ज़रा तो शर्म करती तू
मुहब्ब्त चुप चुप के और
नफरत सरे आम.

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